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*वो बुलंदियाँ भी किस काम की जनाब* . . *इंसान चढ़े और इंसानियत उतर जाये* * शुभ प्रभात *

Friday, 26 September 2014

Yuva Manch: Yuva Manch:

साबूदाना- शाकाहारी है या मांसाहारी ?
आइये देखते हैं आपके पंसदीदा साबूदाना बनाने के तरीके को। यह तो हम सभी जानते हैं कि साबूदाना व्रत में खाया जाने वाला एक शुद्ध खाद्य माना जाता है, पर क्या हम जानते हैं कि साबूदाना बनता कैसे है?
आइए देखते हैं साबूदाने की हकीक़त को, फिर आप खुद ही निश्चय कर सकते हैं कि आखिर साबूदाना शाकाहारी है या मांसाहारी।
तमिलनाडु प्रदेश में सालेम से कोयम्बटूर जाते समय रास्ते में साबूदाने की बहुत सी फैक्ट्रियाँ पड़ती हैं, यहाँ पर फैक्ट्रियों के आस-पास भयंकर बदबू ने हमारा स्वागत किया।
तब हमने जाना साबूदाने कि सच्चाई को। साबूदाना विशेष प्रकार की जड़ों से बनता है। यह जड़ केरला में होती है। इन फैक्ट्रियों के मालिक साबूदाने को बहुत ज्यादा मात्रा में खरीद कर उसका गूदा बनाकर उसे 40 फीट से 25 फीट के बड़े गड्ढे में डाल देते हैं, सड़ने के लिए। महीनों तक साबूदाना वहाँ सड़ता रहता है।
यह गड्ढे खुले में हैं और हजारों टन सड़ते हुए साबूदाने पर बड़ी-बड़ी लाइट्स से हजारों कीड़े मकोड़े गिरते हैं। फैक्ट्री के मजदूर इन साबूदाने के गड्ढो में पानी डालते रहते हैं, इसकी वजह से इसमें सफेद रंग के कीट पैदा हो जाते हैं। यह सड़ने का, कीड़े-मकोड़े गिरने का और सफेद कीट पैदा होेने का कार्य 5-6 महीनों तक चलता रहता है। फिर मशीनों से इस कीड़े-मकोड़े युक्त गुदे को छोटा-छोटा गोल आकार देकर इसे पाॅलिश किया जाता है।
आप लोगों की बातों में आकर साबूदाने को शुद्ध ना समझें। साबूदाना बनाने का यह तरीका सौ प्रतीषत सत्य है। इस वजह से बहुत से लोगों ने साबूदाना खाना छोड़ दिया है।
जब आपको साबूदाना का सत्य पता चल गया है, तो इसे खाकर अपना जीवन दूषित ना करें। कृपया इस पोस्ट को समस्त सधर्मी बंधुओं के साथ शेयर करके उनका व्रत और त्यौहार अशुद्ध होने से बचाएँ

Tuesday, 6 May 2014


Yuva Manch: Yuva Manch: Energetic Work

इतिहास गवाह है कि जब-जब कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया है तब-तब भारत की जनता ने कांग्रेस को मुँहतोड़ जवाब दिया है। लोकतंत्र के इस समर में केन्द्र में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की पराजय तय है। सत्ता का यह संघर्ष फाइनल दौर से गुजर रहा है इसमें पूर्वांचल की जनता की भागीदारी सबसे महत्त्वपूर्ण होने जा रही है। केन्द्र में यूपीए की सरकार के ताबूत में गोरखपुर संसदीय क्षेत्र सहित पूर्वांचल की जनता अंतिम कील ठोकेगी। केन्द्र में कांग्रेस की जनविरोधी भ्रष्ट सरकार को सम...ाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी द्वारा अपने निजी स्वार्थ के कारण दिये गये समर्थन का भी पूरा का पूरा हिसाब इस चुनाव में जनता को देना होगा। कांग्रेस से कहीं अधिक सपा और बसपा जनता के ऊपर थोपी गयी सरकार के इस कुशासन के लिए जिम्मेदार हैं, नही ंतो केन्द्र की यूपीए सरकार द्वारा भ्रष्टाचार का खुला खेल खेले जाने, कालाबाजारी को पूरी तरह छूट देने, कमरतोड़ महंगाई की स्थिति पैदा करने तथा राजनीतिक सत्ता द्वारा बेरोकटोक एक से बढ़कर एक घोटालों के बाद यह सरकार कभी की चली गयी होती। इस चुनाव में इन सबसे गिन-गिन कर हिसाब लिया जाना चाहिए।